नासा की अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स और स्पेसएक्स क्रू-9 मिशन की टीम पृथ्वी पर सुरक्षित वापस लौटी
नासा की अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स और बैरी “बुच” विलमोर स्पेसएक्स क्रू-9 मिशन के तहत 9 महीने के लंबे अंतरिक्ष प्रवास के बाद सुरक्षित पृथ्वी पर लौट आए हैं। उनकी यह यात्रा केवल 8 दिन के लिए निर्धारित थी, लेकिन तकनीकी समस्याओं के कारण यह मिशन 9 महीने से अधिक समय तक चला।
अंतरिक्ष में देरी क्यों हुई?
सुनीता विलियम्स और उनकी टीम बोइंग CST-100 स्टारलाइनर अंतरिक्ष यान से वापस आने वाली थी, लेकिन प्रणोदन प्रणाली (propulsion system) की खराबी के कारण उन्हें ISS (अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन) पर अधिक समय बिताना पड़ा। तकनीकी समस्याओं के कारण उन्हें स्पेसएक्स क्रू-9 ड्रैगन कैप्सूल “फ्रीडम” से पृथ्वी पर लौटना पड़ा।
सफल लैंडिंग और पृथ्वी पर स्वागत
18 मार्च 2025 को, विलियम्स और विलमोर के साथ नासा के अंतरिक्ष यात्री निक हेग और रूसी अंतरिक्ष यात्री अलेक्ज़ेंडर गोर्बुनोव ने फ्लोरिडा के तट के पास सफलतापूर्वक समुद्र में स्प्लैशडाउन किया। आश्चर्यजनक रूप से, जब उनका कैप्सूल समुद्र में उतरा, तो डॉल्फिन का एक झुंड उनके आसपास तैरता हुआ नजर आया, जिसने उनके स्वागत को और भी खास बना दिया।
अंतरिक्ष से लौटने के बाद क्या होगा?
अंतरिक्ष में लंबे समय तक रहने के कारण, शरीर में मांसपेशियों की कमजोरी (muscle atrophy) और हड्डियों की घनत्व में कमी (bone density loss) जैसी समस्याएं हो सकती हैं। इसलिए, वे अब 45-दिनों की पुनर्वास (reconditioning) प्रक्रिया से गुजर रहे हैं ताकि उनके शरीर को पृथ्वी की गुरुत्वाकर्षण शक्ति के अनुकूल किया जा सके।
मिशन में देरी से क्या असर पड़ा?
इस अनियोजित देरी के बावजूद, नासा के नियमों के अनुसार, अंतरिक्ष यात्रियों को प्रत्येक अतिरिक्त दिन के लिए $5 (लगभग 415 रुपये प्रति दिन) भत्ता दिया जाता है। इस हिसाब से, 9 महीने की अतिरिक्त यात्रा के लिए उन्हें लगभग $1,430 (लगभग 1.18 लाख रुपये) अतिरिक्त भुगतान किया गया।
क्या यह मिशन सफल रहा?
हालांकि यह मिशन कई तकनीकी चुनौतियों से भरा रहा, लेकिन इससे यह साबित होता है कि मानव अंतरिक्ष अन्वेषण (human space exploration) अनिश्चितताओं से भरा हुआ है, और नासा के अंतरिक्ष यात्री हर परिस्थिति का डटकर सामना करने के लिए तैयार रहते हैं।